सरकार की दलील नहीं मानीसुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि 5 जून 2025 की स्थानांतरण नीति आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती, क्योंकि नीति में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। सरकार ने यह भी कहा कि किसी कर्मचारी को अपनी पसंद के स्थान पर पोस्टिंग पाने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की आगामी सेवानिवृत्ति को ध्यान में रखते हुए उन्हें गृह जिले में पदस्थ करने का निर्देश दिया। अब संबंधित विभाग को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर पोस्टिंग संबंधी आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।