स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 1H1N1 एक श्वसन संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सतर्कता जरूरी है।विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय नाक-मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकने, साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोने और बिना हाथ धोए आंख, नाक व मुंह को छूने से बचने की अपील की है। बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई है।घर और कार्यस्थल पर साफ-सफाई के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी संक्रमण के प्रसार को कम करने में सहायक है। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकीय सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करने की भी अपील की है।बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने कहा गया है। सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना, सीने में दर्द या लक्षण लगातार बढऩे पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार लेने की सलाह दी गई है।गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर या दीर्घकालिक बीमारी से पीडि़त लोगों को विशेष सावधानी बरतने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज किए बिना समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।




