यादव कॉलोनी में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विराज फरार था, जिसे पुलिस ने 6 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे दोनों पैर में गोली मारकर पकड़ा था। वीडियो में वह आरव को 8 बार पटकते हुए देखा गया, जो महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ। यह वीडियो बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े करने वाला है। शिकोहाबाद पुलिस ने 6 दिन में सभी 13 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य कोर्ट में जमा कर दिए थे। फिरोजाबाद में बामई गांव की रहने वाली रति की 2024 में बदायू के सियाराम नगर निवासी सुनित से शादी हुई थी। उनका एक बेटा आरव था। ससुराल में अनबन के कारण रति 5 महीने से मायके में थी। रति अपनी मां और बेटे के साथ 30 मई को यादव कॉलोनी में रहने वाली अपनी मौसी पुष्पलता से मिलने आई थीं। उनको सड़क हादसे में चोट लगी थी। तभी रति के पति की बुआ का बेटा विराज भी वहां पहुंच गया। बदायूं निवासी विराज रिश्ते में रति का फुफेरा देवर था। उसने रति के रिश्ते में अनबन देखकर कुछ दिन पहले शादी का प्रस्ताव रखा। रति ने बच्चे का हवाला देकर शादी से मना कर दिया, जिससे विराज काफी नाराज था। तभी उसने बच्चे को रास्ते से हटाने की सोची। 30 मई को वह यादव कॉलोनी पहुंचा और बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने गोद में उठा ले गया। उसने सड़क पर बच्चे की दिनदहाड़े पटक-पटककर जान ले ली।




