रायपुर। छत्तीसगढ़ डायोसिस के सीडीबीई के वर्तमान स्वयंभु पदाधिकारीयो द्वारा रजिस्ट्रार के 13 जुलाई 2026 के आदेश का अनुचित लाभ उठाकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में बालात घुस कर शालाओ का संचालन व हस्तक्षेप, दबावपूर्वक कर रहे थे, जिस पर उपसचिव छत्तीसगढ़ शासन ने स्थगन आदेश क्रमांक स्।ॅध्3815/2026 नवा रायपुर 7 सितंबर 2026 द्वारा रोक लगा दी है।
रजिस्ट्रार के 13 सितंबर 26 के आदेश में क्या लिखा था
असल मे छत्तीसगढ़ के निरस्त कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा प्रसाशक को गुमराह के सीडीबीई के विधान के नियम विपरित 27 मार्च 2026 को अवैध चुनाव करवा लिया गया। आश्चर्य की बात यह है कि प्रसाशक ने निरस्त कमेटी के ही सदस्यों को ही आमंत्रित कर पुनः मनोनीत कर दिया गया, जबकि दूसरे पक्ष को चुनाव में हिस्सा लेने बुलाया ही नही व बाद में सूची ऑनलाइन जमा करवा दी गयी जबकि माननीय उच्च न्यायलय में याचिका पीसी 1362/2026 लंबित है। इसी बीच फर्म्स एवं संस्थाए के नए पदस्त पंजीयक को गुमराह कर समिति के पदाधिकारियों की सूची धारा-27 को रिकार्ड में जुड़वा लिया गया गया, जबकि सहायक पंजीयक ने धारा -27 की प्रमाणित सूची जारी ही नही किया गया, परन्तु सीडीबीई के अवैध पदाधिकारियों ने पंजीयक के पत्र को आधार बना कर विभिन्न जिलों के शासन प्रसाशन, पुलिस, कलेक्टर, एस.पी. व डीईओ को गुमराह कर स्कूलों में कब्जा कर स्कूलों के वर्षों से सेवारत 41 कर्मचारियो, शिक्षकों व प्राचार्यो को नियम विपरित बदले की भावना से सीधे बर्खास्त कर दिए। पंजीयक के उक्त आदेश के विरुद्ध उपसचिव के समक्ष शशि वाघे, अतुल आर्थर व अन्य द्वारा याचिका लगाई गई, जिस पर उपसचिव ने त्वरित कार्रवाई कर पंजीयक के आदेश पर स्थगन दिया गया। अब सीडीबीई के स्वयभू पदाधिकारियो का हस्तक्षेप शालाओ में नही हो सकता।
उपसचिव के स्थगन आदेश में क्या महत्वपूर्ण बात है
माननीय उपसचिव छत्तीसगढ़ शासन ने अपीलकर्ताओ की याचिका व समिति के अधिकारविहीन पदाधिकारियों द्वारा अवैधानिक कार्यो पर गंभीरता से सुना व शालाओ के 41 प्राचार्य, शिक्षक व अन्य कर्मचारियों के सीधे बर्खास्तगी पर रोष जताया, पंजीयक के आदेश पर स्थगन देते हुए लिखा कि उक्त आदेश से कार्यरत कर्मचारियों की आजीविका पर सुविधा का संतुलन अपीलार्थी के पक्ष में पाते हुए स्थगन दिया जाता है। अब जब 27 मार्च 2026 को हुवे निर्वाचन की जब सूची पर जब स्थगन आदेश जारी हो गया है तो फिर इनके तथा कथित समिति के द्वारा लिए गए समस्त प्रस्ताव व निलंबन व बर्खास्तगी का निर्णय भी शून्य हो जाते है। इस आदेश से वर्षों से सेवारत शिक्षकों व गरीब आयाम दर व चतुर्थ श्रेणी के बर्खास्त 41 कर्मचारियो व परिवारों को न्याय मिल सकेगा, व विभिन्न सर्वसमाज के लोगो ने हर्ष व्यक्त किया है।




