छत पर बन रहा था मौत का सामान, धमाके में झुलसे थे चार लोग
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह धमाका एक मकान की छत पर अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री बनाते समय हुआ था। इस अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आकर कुल चार लोग बुरी तरह से झुलस गए थे। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को पास के कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
कुख्यात अपराधी शाहनवाज और उसकी मां ने तोड़ा दम
जिस मकान में यह धमाका हुआ, वह कुख्यात अपराधी शाहनवाज उर्फ मफ्फी का था। धमाके वाले दिन मौके पर पहुंचे डीसीपी जगमोहन मीणा ने स्पष्ट किया था कि शाहनवाज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और परिस्थितियां बता रही हैं कि यह धमाका किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए बम बनाने के दौरान हुआ। अस्पताल में इलाज के दौरान 4 फरवरी को मुख्य आरोपी शाहनवाज की मौत हो गई, जबकि 10 फरवरी को उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना में शाहनवाज की बहन और उसका दोस्त अमित रंजन मलिक भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका इलाज अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक, शाहनवाज पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने समेत लगभग सात गंभीर मामले पहले से दर्ज थे।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने संभाला मोर्चा, बड़े आपराधिक नेटवर्क की आशंका
धमाके की गंभीरता और इसके पीछे की संभावित साजिश को देखते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने इस मामले की जांच में एंट्री कर ली है। एनआईए की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से मिट्टी और मलबे के अहम सैंपल इक_ा किए हैं। इन सैंपल्स की फॉरेंसिक जांच से यह सटीक पता लगाया जाएगा कि बम बनाने में किस तरह के घातक रसायनों का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियां इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस घटना के तार किसी बड़े नेटवर्क या खतरनाक साजिश से तो नहीं जुड़े हैं। फिलहाल, अधिकारियों को बाकी दो घायलों के स्वस्थ होने का इंतजार है, ताकि उनसे सघन पूछताछ कर बम बनाने के असल मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों का पर्दाफाश किया जा सके।




