मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना से बांका जिले की नदियों में स्थित रेत घाटों का जियोस्पेशियल एनालिसिस (भौगोलिक-स्थानिक विश्लेषण) करने का अनुरोध किया था। आईआईटी पटना की रिपोर्ट के विश्लेषण में पता चला कि संबंधित कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़ी मात्रा में रेत निकाली। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच अवैध रूप से निकाली गई रेत की अनुमानित कीमत 131 करोड़ रुपये से अधिक है।
ईडी ने इस जानकारी को पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक के साथ साझा किया। इसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग की ओर से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
ईडी की ओर से बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में कुल आठ स्थानों पर तलाशी की प्रक्रिया जारी है। इनमें बिहार के बांका और पटना के साथ ही दिल्ली में एक और राजस्थान के गंगानगर में चार और जयपुर में एक जगह पर तलाशी की जा रही है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
00




