पुलिस जांच के अनुसार, दिल्ली से आई वर्षा जान, तन्नू खान और मीरा उर्फ आशीष आपस में गुरु भाई थे। 20 जुलाई को चारों जोकी स्थित मीरा के घर पहुंचे, जहां शराब और भोजन के दौरान गुरु-चेला परंपरा तथा आर्थिक योगदान को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद तन्नू और रिया पैदल तालापारा की ओर निकल गए। देर रात एनएच-130 स्थित दलदलिहापारा बस स्टॉप के पास कहासुनी दोबारा बढ़ी, जहां आरोपी ने कथित रूप से गला दबाकर तन्नू की जान ले ली।

मामला दर्ज होते ही सकरी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तेजी से जांच शुरू की। पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर संदेह आरोपी तक पहुंचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन, चप्पल, चार्जर समेत अन्य सामग्री जब्त की गई। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला मजबूत करते हुए वैधानिक कार्रवाई पूरी की।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिया उर्फ राकेश (किन्नर), पिता परमेश्वर ध्रुव, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेमरचुवा बरेला, थाना जरहागांव, जिला मुंगेली (वर्तमान निवास जोकी ओवरब्रिज, थाना सकरी, बिलासपुर)के रूप में हुई है। प्रेस विज्ञप्ति में उसके किसी आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

फिलहाल, पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई है। गुरु-चेला परंपरा से जुड़े विवाद में हुई यह वारदात शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले की विवेचना जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।