जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रात करीब 11 बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की। बताया जा रहा है कि जांच के बाद टीम कुछ महत्वपूर्ण सामग्री, जिसमें प्रिंटर भी शामिल है, अपने साथ ले गई। सूत्रों के मुताबिक, अरविंद साहू नीको जायसवाल ग्रुप की खदानों में ठेकेदारी से जुड़े हैं। छापेमारी की पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई, यहां तक कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी। हालांकि, टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और उपकरणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले भी त्रस्ञ्ज विभाग ने साहू के रायपुर स्थित कार्यालय में कार्रवाई की थी। इस संबंध में संपर्क करने पर अरविंद साहू से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





