मुकेश साहू के विरुद्ध खबर छापने पर पत्रकार को मिली धमकी, पुलिस चौकी मानिकपुर कोरबा में हुई FIR दर्ज

Picture of Samarthy News

Samarthy News

कोरबा के कबाड़ चोरी के खेल में कमलेश साहू का संलिप्तता उजागर
कोरबा। कोरबा के अवैध कबाड़ चोरी के मामले में कबाड़ चोरों का पक्ष लेकर पत्रकारों और न्यायालय में पुलिस अधिकारियों को परेशान करने वाले कमलेश साहू का असली चेहरा आखिर उजागर हो ही गया।
दरअसल कमलेश साहू अवैध कबाड़ चोर मुकेश साहू का मात्र वकील ही नहीं है, बल्कि उसका रिश्ते का भाई भी है, उसका पक्ष लेकर पत्रकारों को धमकाने भी लगा है जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कमलेश साहू कबाड़ चोर का मात्र वकील ही नहीं है, बल्कि कबाड़ चोरी के धंधे और काली कमाई में पार्टनर भी है।
यह जगजाहिर हो गया कि कोई भी अधिवक्ता अपने क्लाइंट का केस न्यायालय में लड़ता है लेकिन कोई अधिवक्ता अपने क्लाइंट का पक्ष लेकर सड़क पर उतर जाए, मरने-मारने की बात करने लगे, तो बात सिर्फ पेशे तक सीमित नहीं रह जाता बल्कि उसके व्यक्तिगत स्वार्थ को साबित करता है। पुलिस चैकी मानिकपुर थाना कोतवाली कोरबा में दर्ज अपराध क्रमांक 366/2026, धारा 296, 351(2) बीएमएस के मामले से यह स्पष्ट होता है कि कमलेश साहू कबाड़ के व्यवसाय में सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। यह उसका व्यक्तिगत मामला भी हो सकता है लेकिन किसी खबर प्रकाशन को लेकर इस प्रकार से गाली-गलौज करते हुए धमकी देना कतई उचित नहीं।
       सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 3 दिन पूर्व कोतवाली पुलिस द्वारा कबाड़ लोड ट्रक को रोका गया था, वो गाड़ी किसी साहू की थी कोतवाली थाना ने इस बात को बताया योगेश सलूजा नामक पत्रकार ने मुकेश साहू के खिलाफ खबर प्रकाशित किया। इस खबर से कबाड़ चोर मुकेश साहू का भाई अधिवक्ता कमलेश साहू बौखला गया और फोन पर ही पत्रकार को मां-बहन की गाली और मारने-पीटने की धमकी देने लगा। हद तो तब हो गई जब पत्रकार को खोजते हुए मानिकपुर चैकी के पास पहुंच गया पत्रकार योगेश सलूजा बहुत डरा हुआ था और अपनी जान के डर से रिपोर्ट किए बिना ही वापस आ गया।
सुबह कमलेश साहू द्वारा दिए गए गाली-गलौज और धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी तक यह बात पहुंची तो उनके निर्देश पर तब जाकर मानिकपुर चैकी में एफआईआर दर्ज कराया जा सका।
       विदित हो कि कबाड़ चोर मुकेश साहू के द्वारा कुछ दिन पूर्व सीएसईबी चौकी क्षेत्र में वर्षों पुराने 60 मीटर लंबे लोहे के पुल को काटकर चोरी किया था, 15 लोगों से साथ वह जेल भी गया, पर इसी अधिवक्ता ने उसे जमानत पर छुड़ाया। कबाड़ चोर मुकेश साहू के चोरी के कबाड़ के विरुद्ध कार्यवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को यही अधिवक्ता कोर्ट में उल्टे-सीधे मामले लगाकर परेशान करता है। अपने क्लाइंट के पुराने विवादों को निपटाने के नाम पर उनके विवादित घर-मकान को अपने परिवार वालों के नाम पर खरीदने के भी आरोप इस पर लगते रहे हैं। कुछ माह पूर्व सीतामणी के एक मामले में महिला ने इसके विरुद्ध छेड़छाड़ करने का भी थ्प्त् दर्ज करवाया था। यही अधिवक्ता सिविल न्यायालय पाली कोरबा में फर्जी जमातदार पेश करने के आरोप में करीब 2 माह तक जेल में रह चुका है।

Samarthy News
Author: Samarthy News

  • marketmystique
error: Content is protected !!