एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन-कमीशन खेल रही हैं-पीसीसी चीफ

Picture of Samarthy News

Samarthy News

सरकार बस्तर के सभी ग्राम पंचायतों को 1 करोड़ रू. व डबल इंजन की सरकार बस्तर विकास के लिए 50 हजार करोड़ का विशेष पैकेज दे
सरकार बस्तर की खनिज संपदा को बस्तर के पहाड़ों और जंगलों को निजी उद्योगपतियों को सौंप सकती है
जगदलपुर। बस्तर के युवाओं के नौकरी के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाये सरकार’ सरकार बस्तर के सभी गांव के विकास के लिए 1 करोड़ प्रति गांव की राशि तत्काल प्रदान करे। सरकार ने खुद घोषित किया था, जो ग्राम पंचायत नक्सल मुक्त हो जाएगी उसको 1 करोड़ रू. प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्य के गृह मंत्री से लेकर पूरी सरकार यह बयान दे रही है कि बस्तर सहित पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त हो गया है, तब सरकार अपनी घोषणा के अनुसार बस्तर संभाग के तथा प्रदेश के अन्य जिलों राजनांदगाव, मोहला मानपुर, बलरामपुर, कवर्धा, गरियाबंद धमतरी की सभी नक्सल प्रभावित पंचायतो के लिए तुरंत 1 करोड़ रू. की राशि जारी किया जाए। उक्त बांतें छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं।
                श्री बैज ने यह भी कहां कि बस्तर के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार तत्काल 50हजार करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा करे, ताकि बस्तर को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके। बस्तर की खूबसूरती की रक्षा के साथ यहां के युवाओं के लिए रोजगार और वनोपज आधारित उद्योगों के लिए सरकार विशेष कार्य योजना बनायें। बस्तर के युवाओं के लिए नौकरी के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाये सरकार तथा एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में खोला जाना चाहिए। एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है, परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है, पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है, एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके।
                 पत्रकारों को संबोधन करते हुए यह भी कहें की बस्तर के निवासी इस बात के लिए आशंकित है कि सरकार बस्तर की खनिज संपदा को बस्तर के पहाड़ों और जंगलों को निजी उद्योगपतियों को सौंप सकती है। डबल इंजन की सरकार इस बात की गारंटी ले कि बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरियों के भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की इन्ट्री नहीं होगी, न ही एनएमडीसी का नगरनार स्टील संयंत्र किसी निजी उद्योगपति को सौंपा जाएगा और न ही नंदराज और बैलाडीला की पहाड़ियों का बंदरबांट किया जोयगा ? श्री बैज ने आगे यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार बस्तर की रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तत्काल कार्य योजना बनाये। केंद्र सरकार बड़े लंबे समय से दल्लीराजहरा, जगदलपुर रेल लाईन के काम को लगभग रोक रखा है। सन् 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी, परंतु आज दिनांक तक यह रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है, जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है।
      प्रदेष सरकार की भ्र्रष्ट्राचार की पोल उजागर करते हुए कहा कि पूरी सरकार कमीशन खोरी मे लगी है। महिला एवं बाल विकास विभाग तो भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अड्डा बन गया है। यहीं नहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 6 मीटर की जगह 5 मीटर और 4.5 मीटर से भी कम लंबाई और चैड़ाई एवं घाटिया साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग में वितरण किया गया है। साड़ियों के लंबाई और चैड़ाई में कम होने के कारण महिलाएं साड़ी का उपयोग नहीं कर पा रही तथा महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन-कमीशन खेल रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई भ्रष्टाचार सामने आए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ से अधिक की पोषण सामग्री खरीदी में अनियमितता देखीं जा सकती है तो वहीं दुसरी तरफ सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर वर्क आर्डर को भी आप अनदेखा हीं कर सकतें।
                           उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए छग पीसीसी चीफ दीपक बैज ने यह भी कहा कि प्रदेश के लगभग 2899 आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है, इसमें केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया है। सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड जैसे समान की खरीदी पर भ्रष्टाचार व आंगनवाड़ी के कार्यकर्ता और सहायिकाओं को जो घटिया गुणवत्ताहीन साड़ियां बांटी गई है, वह साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग वापस ले और साथ ही आंगनवाड़ी के बहनों को अच्छी क्वालिटी का साड़ी प्रदान करने जैसी बात भी कहीं उन्होंने 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जो साड़ी खरीदी गई थी वह साड़ी महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री जो स्वयं महिला है उसको देखे कैसे उस साड़ी को लोग पहनेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग में बार-बार ऐसा भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल आने के बावजूद भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं होना बताता है की घोटाले मे पूरी सरकार और मंत्री भी शामिल है।

Samarthy News
Author: Samarthy News

  • marketmystique
error: Content is protected !!