Pride of Chhattisgarh—छत्तीसगढ़ के इस गांव के युवा बने अंतरिक्ष यात्री, जानिए ये कौन है

Picture of Samarthy News

Samarthy News

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र से एक बेहद गर्व करने वाली खबर तो है ही साथ में छत्तीसगढ़ वालो के बड़़ी ही गौश्रव की बात भी है। राजधानी रायपुर के ज्ञानदीप विद्या मंदिर मांढर से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात्, आईटीएम यूनिवर्सिटी [ITM University) बायोटेक्नोलॉजी के छात्र लुमेश साहू ने इतिहास रच दिया है। आपको बता दे कि लुमेश साहू रायपुर के छोटे से गांव बरौदा विधानसभा क्षेत्र के कोमेन्द्र कुमार साहू के पुत्र है। वे छत्तीसगढ़ के पहले एनालॉग एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट [Analog Astronaut Candidate] बन गए हैं। अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही, लुमेश इस प्रतिष्ठित मिशन का नेतृत्व भी कर रहे हैं। उन्हें इस महत्वपूर्ण अंतरिक्ष सिमुलेशन के लिए मिशन कमांडर (Mission Commander) नियुक्त किया गया है, जहाँ वे अपने साथ 3 अन्य क्रू मेंबर्स (कुल 4 लोगों की टीम) की कमान संभाल रहे हैं।
1 हफ्ते तक बाहरी दुनिया से नहीं रहेगा कोई संपर्क
इस स्पेस मिशन की सबसे चुनौतीपूर्ण और खास बात यह है कि यह पूरे एक सप्ताह (1 हफ्ते) तक चलेगा। इस दौरान श्मिशन कमांडर लुमेश और उनकी टीम का बाहरी दुनिया से कोई भी संपर्क नहीं रहेगा। अंतरिक्ष के असली और कठिन हालातों, जैसे चंद्रमा या मंगल ग्रह पर होने वाले कम्यूनिकेशन डिले (संचार में देरी) और अकेलेपन का सटीक अनुभव करने के लिए, पूरी टीम को पूर्ण आइसोलेशन [Isolation] में रहना होगा। यह सिमुलेशन भविष्य के एस्ट्रोनॉट्स को शारीरिक और मानसिक रूप से डीप-स्पेस मिशन के लिए तैयार करने का एक बेहद अहम हिस्सा है।
ARKASA से लेकर धोलावीरा तक का सफर
लुमेश साहू वर्तमान में अरकासा स्पेस आर्किटेक्चर (ARKASA Space Architecture) संगठन में एक स्पेस बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च {Space Biotechnology Researcher) के रूप में कार्यरत हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में उनकी विशेषज्ञता ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई है। यह खास एनालॉग मिशन गुजरात के ऐतिहासिक स्थल धोलावीरा में आयोजित किया जा रहा है, जिसका संचालन आका स्पेस स्टूडियो (AAKA Space Studio) कर रहा है। धोलावीरा का अनूठा भूभाग इन चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष सिमुलेशन के लिए एकदम अनुकूल है।


इस ऐतिहासिक मिशन के मुख्य बिंदु
मिशन कमांडर इस एनालॉग मिशन में लुमेश 4 सदस्यीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
पूर्ण आइसोलेशनः- यह सिमुलेशन 1 सप्ताह तक चलेगा, जिसमें पूरी टीम बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के प्रथमः- वे राज्य के पहले युवा हैं जो श्एनालॉग एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट के रूप में चुने गए हैं।
पेशेवर विशेषज्ञताः- लुमेश ARKASA स्पेस आर्किटेक्चर में स्पेस बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर के पद पर कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमिः- वे रायपुर की ITM यूनिवर्सिटी के होनहार बायोटेक्नोलॉजी छात्र हैं।
आयोजकः- AAKA Space Studio द्वारा संचालित यह मिशन धोलावीरा में हो रहा है।

प्रदेश के युवाओं के लिए बनी बड़ी प्रेरणा
रायपुर से निकलकर एक स्पेस मिशन को कमांड करने और इतने कठिन हालातों में रिसर्च करने का लुमेश साहू का यह सफर छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि लगन और सही दिशा हो, तो हमारे राज्य के युवा विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान {Space Research) के वैश्विक पटल पर नेतृत्व कर सकते हैं।

Samarthy News
Author: Samarthy News

  • marketmystique
error: Content is protected !!