अंजन मुखर्जी की रिपोर्ट
निगम व जनप्रतिनिधियों ने अब 19 और 20 के वार्डवासियों को जहरीले कीड़ेयुक्त पानी पीने का दिया आर्शीवाद, कलेक्टर से हुई शिकायत
चिरमिरी। चिरमिरी 19 नम्बर वार्ड में नाली के अन्दर नल कनेक्शन पर बड़े बड़े पम्प से पानी का दोहन तथा पानी को प्रदूषित करने वालों और नगर निगम की तरफ से उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की मांग वार्डवासियों ने एमसीबी जिला कलेक्टर से सामुहिक आवेदन पत्र देते हुए नगर निगम के अधिकारियों के विरूद्व उच्च स्तरीय जांच की है।
विगत सात सालों से छोटा बाजार चिरमिरी क्षेत्र के 19 नम्बर एवं आस-पास के वार्डों की आम जनता, नगर निगम के द्वारा प्रदाय पीने की पानी का पाईप लाइन में सीधा पम्प लगाकर पानी दोहन करने वालों के खिलाफ संयुक्त आवेदन पत्र नगर निगम एवं जनप्रतिनिधियों को प्रस्तुत करते आ रहें हैं। कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के व्यापारी नाली के अन्दर नल कनेक्शन पर बड़ा-बड़ा पम्प लगाकर पानी दोहन करते हैं और नाली के अन्दर नल को खुला छोड़ देते हैं, जिससे शुद्ध पीने का पानी प्रदूषित हो जाता है। जब भी नल चालू होता है आखरी छोर के सभी नलों में नाली का गंदा पानी पहले आता है, फिर जब शुद्ध पानी आने लगे तो पम्प वाले पानी लूट लेते हैं और नल में पानी आना बंद हो जाता है। दोबारा पानी चालू होने पर फिर से गंदा पानी आने लगता है। कुछ दिन पहले ही पीने के पानी में नल से ही सांप जैसे एक लंबा जहरीला कीड़ा निकला गनीमत तो यह था की उक्त जहरीले कीड़े को लोग देख लिए नहीं तो गंभीर परिणाम आम नागरिकों को भुगतना पड़ सकता था।
सोचनीय बात यह है कि आखिरकार क्या वजह है निम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस ओर कारगार कदम क्यों नहीं उठा रही है जो जांचका विषय है।
कलेक्टर को लिखे सामुहिक आवेदन पत्र में वार्ड नंबर 19 और 20 स्थानीय लोगो ने यह भी पत्र में उल्लेख किया है कि इतने बड़े पैमाने पर पानी का दोहन किसी परिवार के निस्तार के लिए नहीं हो सकता, अवश्य ही अवैध पानी का धंधा चलाया जा रहा है, जिस गंदे पानी को पीकर छोटा बाजार क्षेत्र के लोग आज पीलिया के बीमारी से पीड़ित हो रहें हैं। जिसमें से कुछ नागरिकों की मृत्यु भी हो चुकी है। यह बात अति सत्य है कि लगातार शिकायत करने के बाद भी जब नगर निगम पम्प लगाकर पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, तब पानी दोहनकारियों को अवश्य नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है। जहां उच्च स्तरीय कमेटी के द्वारा जाँच किये जाने की आवश्यकता है वहीं दुसरी तरफ पम्प लगाकर पानी चोरी करने वालों एवं संरक्षण देने वालों के खिलाफ शख्त से शख्त कार्रवाई किया जाएं।




