लेटेस्ट न्यूज़
सीडीबीई समिति हो ही गयी अधिकार विहीन, रजिस्ट्रार के आदेश पर स्थगन से सीडीबीई के अनाधिकृत समिति को स्कूल में हस्तक्षेप करने का अधिकार नही | प्रधानमंत्री ने 9/11 हमलों के पीडि़तों को दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ अटूट संकल्प दोहराया | मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई ढाल दास ने थामा कांग्रेस का दामन | CDBE समिति ही हो गयी अधिकार विहीन, रजिस्ट्रार के आदेश पर स्थगन से CDBE के अनाधिकृत समिति को स्कूल में हस्तक्षेप करने का अधिकार नही | बिलासा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त अलायंस एयर विमान का पहिया फटा, 60 यात्री बाल-बाल बचे |  बस्तर फाइटर्स डीआरजी की महिला जवानों ने डीआरजी जवानों को राखी बाँधकर मनाया रक्षाबंधन |

क्रिकेट में सट्टा हारने के बाद ये गेम कर गया सर्राफा कारोबारी, 86 किलो चांदी के लूट मामले में बड़ा खुलासा

Picture of Samarthy News

Samarthy News

रायपुर।  डिजिटल निगरानी के इस दौर में झूठी कहानियों से बच निकलना अब आसान नहीं रहा है। ऐसा ही मामला सामने आया है रायपुर में, जहां एक चांदी कारोबारी ने करोड़ों की लूट की फर्जी कहानी गढ़ दी, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उसकी चालाकी का पर्दाफाश हो गया।
आरोपी राहुल गोयल, जो मूल रूप से अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, रायपुर में ‘शिवा ट्रेडर्सÓ नाम से चांदी का कारोबार करता है। वह आगरा की एक कंपनी का अधिकृत सीएफए (कैरी एंड फॉरवर्ड एजेंट) है, और वहां से चांदी के आभूषण लाकर रायपुर के व्यापारियों को सप्लाई करता है। प्रति किलो 500 रुपये का कमीशन उसका मुख्य मुनाफा होता है।
             राहुल ने पुलिस को बताया कि दिवाली के लिए वह करीब 200 किलो चांदी रायपुर लाया था। इसमें से 100 किलो वापस आगरा भेज दी गई, जबकि 14 किलो की बिक्री हो चुकी थी। शेष 86 किलो चांदी का ऑर्डर बाकी था। शुक्रवार रात उसने दावा किया कि खाना खाने के बाद वह सो गया और रात करीब 3 बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया। बाहर दो नकाबपोश थे, जिन्होंने हथियार दिखाकर उसके घर में घुसकर चांदी लूट ली।
                उसका कहना था कि विरोध करने पर उस पर चाकू से हमला किया गया और उसे बेहोश कर दिया गया। होश में आने पर उसने खुद को बंधन से छुड़ाया और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। उसने यह भी बताया कि लुटेरे रस्सी के सहारे बालकनी से भागे और साथ में ष्ठङ्कक्र (ष्टष्टञ्जङ्क रिकॉर्डिंग सिस्टम) भी ले गए।
                हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल की जांच की तो कहानी में कई झोल नजर आए। ष्टष्टञ्जङ्क, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और आस-पड़ोस की पूछताछ के आधार पर साफ हो गया कि कोई लूट हुई ही नहीं। जांच में पता चला कि राहुल जुए और सट्टे में भारी रकम गंवा चुका था। उसने नुकसान की भरपाई और उधार चुकाने से बचने के लिए यह नाटक रचा था। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अब उस पर झूठी स्नढ्ढक्र दर्ज करने, सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक के युग में अपराध छिपाना आसान नहीं है। झूठ और धोखे की कितनी भी परत चढ़ा ली जाए, सच सामने आ ही जाता है।

Samarthy News
Author: Samarthy News

error: Content is protected !!