रायपुर। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के छत्तीसगढ़ डायोसिस का गठन 2010 में इस उम्मीद के साथ किया गया कि नए दर्शन के साथ विकास के कार्य किए जाएंगे, परन्तु विगत 2 सालों से यह देखा गया है कि संस्थानों में जो पदाधिकारी है उनके द्वारा लगातार भय का वातावरण बना कर फर्जी व अवैधानिक कार्य व आर्थिक अपराध किया जा रहे हैं, जिस पर गम्भीर धाराओं में पांच एफआईआर विभिन्न थानों में दर्ज किये गए है पदाधिकारियो को जमानत लेना पड़ा है। एक तरफ कलीसिया व संस्थाओ के कर्मचारी आंसू बहा रहे हैं जिसकी संस्था के पदाधिकारी सुधि नही लेते, बार-बार शिकायत करने के बाद भी उच्च अधिकारियों ने भी अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। बदले की भावना व सत्ता के नशे में डायोसिस के पदाधिकारी मस्त है। मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर एवं गाँस मेमोरियल रायपुर की अरबो रुपयों की संपत्ति का उचित रखरखाव और बचाव नहीं किया गया, अतः शासन ने समाज की सम्पत्ति राजसात कर ली है। दूसरी तरफ वर्तमान पदाधिकारी के द्वारा समाज के प्रति दृष्टिकोण है आग लगे बस्ती में मोर नाचे मस्ती में। इन सब लापरवाही व अन्याय को देखते हुए विगत दिनों छत्तीसगढ़ के विभिन्न कलीसियाओं के सैकड़ो सम्मानित प्रबुद्ध जन एक साथ रायपुर में जमा हुए, और उन्होंने संपत्ति व संस्थाओं को बचाने के लिए एवं एकता सेवा गवाही को मजबूत करने, सुधार आंदोलन हेतु एक समिति छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाओ संघर्ष समिति का गठन सकारात्मक कार्य के लिए किया गया है। जिसके संरक्षक बिशप रॉबर्ट अली, अध्यक्ष अजय जॉन, उपाध्यक्ष रेव्ह. अजय मार्टिन, श्रीमती शशि वाघे, रेव्ह. सैमसन शेमुएल, सचिव-रेव्ह. अतुल आर्थर सह सचिव व्ही.के.सिंह कोषाध्यक्ष श्रीमती नीलिमा रॉबिन्स, प्रवक्ता संदीप लाल, लीगल एडवाइजर एडवोकेट रेव्ह. के.एम.बर्मन, एडवोकेट एम.जे.राव महिला अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा कौशिक, श्रीमती मनीषा कुलदीप, युवा अध्यक्ष सैम अली, सेंट्रल कमेटी यशराज सिंह, वीनू बेनेट, अनुराग प्रकाश, महेंद्र मंडल, श्रीमती सपना किशोर है।




