इससे पहले बुधवार रात भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान से 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाइयों की पहली खेप काठमांडू भेजी गई थी। इस तरह भारत अब तक नेपाल को कुल 47.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुई जनहानि और नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी नेपाल के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत आपदा से प्रभावित लोगों के लिए नेपाल सरकार के राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि फिलहाल भारत की कोई टीम नेपाल नहीं भेजी गई है, लेकिन जरूरत पडऩे पर दलों को तत्काल रवाना किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि नेपाल सरकार की ओर से सहायता का अनुरोध आता है और भारत सरकार इसकी मंजूरी देती है, तो राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें नेपाल भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार पहले ही मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर दो विमान नेपाल भेज चुकी है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए तीन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर +9779851316807, +9779709107500 और +9779810326117 हैं। इन नंबरों पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है। वहीं, चीन स्थित भारतीय दूतावास ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए अलग आपातकालीन नंबर जारी किया है। जरूरत पडऩे पर 0086 185 1428 4905 पर संपर्क किया जा सकता है। बाढ़ से नेपाल के कई दुर्गम इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण संपर्क प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने बचाव और निकासी अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा है। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल जरूरत पडऩे पर सड़क संपर्क से कटे इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित एवं सुगम स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इसके बाद प्रभावित लोगों की आगे की निकासी की व्यवस्था की जा सकेगी। केंद्र सरकार ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद संभावित रूप से लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए सभी राज्यों को निर्देश दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे नेपाल में लापता होने की आशंका वाले लोगों के नाम, उनके परिवार के सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर सहित आवश्यक जानकारी एकत्र करें। यह जानकारी विदेश मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्रभावित परिवारों से संपर्क स्थापित करने और लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने में मदद मिल सके। भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां नेपाल की स्थिति पर नजर रखते हुए राहत, बचाव और भारतीय नागरिकों की सहायता के प्रयासों में आपसी समन्वय कर रही हैं।



