जगदलपुर। आदिवासी कार्यकर्ता एवं किसान नेता संजय पंत ने बयान जारी कर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे बेकसूर युवाओं के ऊपर सरकारी हिंसा के प्रयोग को भारतीय समाज के अपमान की संज्ञा देते हुए इसकी कड़ी शब्दों में निंदा की है।
किसान नेता कहते हैं कि प्रकृति हमें अपने बच्चों को प्यार करना एवं उनका देखरेख करना सिखाती है। दुनिया के सभी समाजों में सरकार चुनने का मुख्य उद्देश्य ही अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना होता है। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में अपने हक एवं अधिकार के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे देश के युवाओं के उपर सरकारी हिंसा ने पूरी दुनिया में भारतीय समाज को अपमानित कर दिया है। देश का युवा अपनी समस्याओं को लेकर सरकार के पास नहीं जाएगा तो और किसके पास जाएगा। गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, हिंसा, नशाखोरी, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, पेपर लीक जैसी सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे युवाओं के ऊपर डंडे बरसाना भारतीय लोकतंत्र मे कतई स्वीकार्य नहीं है। ऐसा कदम तो वही उठा सकता है जिसे पारिवारिक मूल्यों का ही ज्ञान ना हो। दूरदृष्टि के अभाव में उठाए गए इस कदम से देश में अलगाववाद एवं विघटन को बढ़ावा मिलेगा। आत्म मंथन तो भारतीय समाज को भी करना होगा कि राजनीतिक पार्टियां इतनी जल्दी इसे अपना गुलाम कैसे बना लेती है।
आदि-अनंत काल से भारतीय समाज के युवाओं ने दुनिया को गौरव प्रदान किया है। हमारे युवा कॉकरोच नहीं किसान हैं। भारतीय किसान यूनियन देश के युवाओं की सभी मांगों को पूरा समर्थन देते हुए सरकार से जल्द से जल्द इन्हे पूरा करने की मांग करती है। युवाओं के ऊपर डंडे बरसाने का जवाब देश की युवा शक्ति ही देगी।




