डॉक्टर ने कहा, “घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि समय पर मेडिकल देखभाल मिलने से ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं। हालांकि, लोगों को समझदारी से सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखना, वायरस फैलने के दौरान गैर-जरूरी भीड़-भाड़ से बचना और लक्षण बिगडऩे पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना। अभी डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।”
बता दें कि 18 जुलाई को कोलकाता के गारिया के रहने वाले 10 साल के एक लड़के को बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ एक दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शक होने पर डॉक्टरों ने स्वैब टेस्ट किया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लड़के के कोविड-19 से संक्रमित होने का पता चलने के बाद, उसे आईसीयू के आइसोलेशन यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया।
बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 लोग कोविड संक्रमित पाए गए। इसके अलावा, पहले से दूसरी बीमारियों से जूझ रहे 4 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, पुणे में भी लगभग तीन साल बाद कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में नए मरीजों की पहचान की गई है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं, लेकिन सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।




