पार्टी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है। साथ ही उन्हें पार्टी की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों और दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है।
बता दें कि 20 जुलाई को जब बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में लगे हुए थे और इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान विजेता दहिया आंदोलन में नहीं थे। उनका बर्गर खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, दहिया का कहना है कि वह प्रदर्शन खत्म होने के बाद फ्रेश होने के लिए घर गए थे। उन्हें भूख लगी थी इसी कारण बर्गर खा लिया था। इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर विवाद प्रदर्शन में शामिल लोग नहीं कर रहे, बल्कि वे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जो इस मार्च में कभी शामिल नहीं हुए।
सीजेपी की तरफ से कहा गया है कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आस-पास भारी भीड़ जमा हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा। हम भी मौके पर मौजूद हैं और अपने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद दे रहे हैं। हम जरूर जीतेंगे।