जनदर्शन में भी पीड़ितों ने की शिकायत
कोरबा। जहां एक ओर शासन ने गरीब व मजदूर तपको के लिए उचित न्याय के लिए एक निर्धारित कार्यालय खोला है मगर उसी कार्यालय के लिपिकों द्वारा मनमानी व न्याय संगत कार्य मजदूरों के साथ की जा रही है।
जी हां एक ऐसी ही मामला दर्री थानांगर्त सेमीपाली हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल के निवासी व सेवानिवृत एसईसीएल कर्मी धरमलाल लहरे आ0 स्व. फागूराम ने रलिया में मकान निर्माण कराया था, जहां मजदूरों ने कुल 55 दिन का कार्य लगभग 8 माह पूर्व किये थे, जिसकी मजदूरी फागूराम ने अभी तक नहीे किया। मजदूरों ने कई बार मजदूरी को लेकर फागूराम से अपनी मजदूरी मांगी, मगर एसईसीएल सेवानिवृत कर्मी ने गरीबों का मजाक उड़ाते हुए आज दिनांक तक उनकी मजदूरी नही दी। और बात श्रमायुक्त कार्यालय कोरबा पहुंच गया। बेचारे मजदूर दूर-दराज सफर कर कोरबा श्रमायुक्त कार्यालय तक न्याय की गुहार लगाने आ रहे है प्रतिमाह। क्या मजाल है कि फागूराम श्रमायुक्त कार्यालय में मजदूरो का सामना करे। इस संबंध में मजदूरो को जब श्रमायुक्त कार्यालय से न्याय की उम्मीद नहीं दिखीं तो कलेक्टर जनदर्षन में अपनी फरीयाद लेकर पहुंचें। अब देखना यह है कि इन गरीबो को गरीब की सत्ता कहलाने वाली सरकार इन्हें वकाई में न्याय दिला पायेंगी या श्रमायुक्त के बाबूओं के चक्कर काटने पड़ेंगे।





