55 बंदियों ने जेल में साक्षर बनने हेतु दी उल्लास महापरीक्षा, पूरे जिले में 17305 लोगो ने दी महापरीक्षा

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कोरबा। ‘उल्लास – नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन में कोरबा जिला जेल 30 एवं कटघोरा उपजेल के कुल 25 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साक्षर बनने उल्लास महापरीक्षा में शामिल हुए। यह परीक्षा 22 मार्च, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक जिले के सभी प्राथमिक शाला में आयोजित की गई। इस बार साक्षरता विभाग द्वारा परीक्षा के माध्यम से जेल के बंदियों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं उन्हें साक्षर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जेल प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस परीक्षा में बंदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सीखने के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के प्रयास बंदियों के पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे। इस नवभारत उल्लास महा परीक्षा में पूरे जिले में लगभग 17 हजार 305 लोगो ने साक्षर बनने हेतु अपना काम धाम छोड़कर परीक्षा में शामिल हुए। असाक्षरो ने प्राथमिक शाला में आयोजित परीक्षा में शामिल होकर शिक्षा की अलख जागने और साक्षर बनने की दिशा में एक कदम बढ़ाया । इस महा परीक्षा में 15 साल से 75 साल के लोगों ने परीक्षा दिलाया । जिसमें कहीं पर देरानी- जेठानी, सास- बहू ,देवर – भाभी भी शामिल हुए . विकासखंड पोड़ी – उपरोड़ा के प्राथमिक शाला में अपने दो बच्चों को लेकर साथ में लेकर पति-पत्नी ने परीक्षा दिलाई।
       इस अवसर पर जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर भारद्वाज एवं जिला साक्षरता अधिकारी ज्योति शर्मा द्वारा आयोजित उल्लास महापरीक्षा से जेल के बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। जिला प्रशासन द्वारा जेल के बंदियों के द्वारा महापरीक्षा में शामिल होने पर सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही है।

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Author: Samarthy News

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