घर में मृत्यु, बीमारी, शादी या त्योहारों जैसे मौकों पर वसूली के लिए परेशान करना अब नियमों के खिलाफ होगा. एजेंट को ग्राहक के घर पर शालीनता और शालीन व्यवहार बनाए रखना होगा. नए ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि एजेंट न तो अपशब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही ग्राहकों को डराने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले सकते हैं. साथ ही, बैंकों को अपनी वेबसाइट पर अधिकृत रिकवरी एजेंटों की सूची सार्वजनिक करनी होगी ताकि लोग फर्जी कॉल से बच सकें. आरबीआई ने साफ कर दिया है कि अगर कोई एजेंट गलती करता है, तो उसके लिए बैंक को जिम्मेदार माना जाएगा. बैंकों को एजेंट नियुक्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि (पुलिस वेरिफिकेशन) की जांच भी करनी होगी. यह कदम उन घटनाओं के बाद उठाया गया है जहां वसूली के चक्कर में ग्राहकों के साथ मारपीट या मानसिक प्रताडऩा की खबरें आई थीं.