पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस साजिश के लिए फंडिंग का इंतजाम किया गया था। कथित तौर पर, इन पैसों का इस्तेमाल स्कूटर खरीदने और अन्य जरूरी सामान जुटाने में किया गया। अब पुलिस बैंक खातों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फंडिंग कहां से आई।
      जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे थे। पकड़े जाने से बचने के लिए कुछ संदिग्धों ने ऐप डिलीट कर दिया, लेकिन पुलिस ने पांचवें आरोपी का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि डिलीट किए गए संदेश और चैट को रिकवर किया जा सके। इसके जरिए अधिकारियों को नेटवर्क के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इस पूरी जांच का सबसे अहम हिस्सा अज्ञात शूटर और फरार मास्टरमाइंड शुभम लोनकर को पकड़ना है। अतिरिक्त हथियार और वाहन बरामद करने, आरोपी से आमने-सामने पूछताछ करने और साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास लगातार जारी हैं।