बता दें कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें आत्मानंद स्कूल मोवा के एक कक्षा कक्ष के भीतर कुछ छात्र हाथ में चाकू लेकर उसे लहराते और आपस में दिखाते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ अभिभावकों में चिंता का माहौल बना, बल्कि स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के बीच बढ़ते असामाजिक व्यवहार पर भी सवाल खड़े हो गए थे। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए थाना पण्डरी पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान वीडियो में दिखाई देने वाले छात्रों की पहचान की गई तथा जांच के वीडियो में चाकू लहराने वाले की पहचान मुख्य आरोपी 12 कक्षा के छात्र सुशांत प्रधान पिता सुशील प्रधान, उम्र 19 वर्ष, निवासी बी.एस.यू.पी. कॉलोनी, सड्डू के रूप में हुई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुशांत प्रधान लगभग एक माह पूर्व अपने साथ एक चाकू स्कूल परिसर में लेकर आया था। उसने कक्षा के भीतर अपने दोस्तों को चाकू दिखाया। इसी दौरान उसके साथ मौजूद तीन अन्य मित्र, जो विधि से संघर्षरत बालक हैं, उन्होंने बारी-बारी से चाकू हाथ में लेकर वीडियो बनाया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। थाना पण्डरी पुलिस द्वारा आरोपी छात्र को तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अवैध रूप से चाकू रखने और उसे स्कूल परिसर में ले जाने की बात स्वीकार की। आरोपी की स्वीकारोक्ति के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से उक्त चाकू को बरामद कर विधिवत जप्त किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुशांत प्रधान के विरुद्ध थाना पण्डरी में अपराध क्रमांक 33/2026 के तहत आम्र्स एक्ट की धारा 25 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार ले जाना गंभीर अपराध है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य तीन छात्र विधि से संघर्षरत बालक पाए गए हैं। उनकी भूमिका इस प्रकरण में गौण मानी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इन तीनों बालकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक परामर्श और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।