जगदलपुर। विकास खण्ड बकावंड पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास मे जिला खनिज संस्थान न्यास ( डी.एम.एफ.टी ) योजना के अंतर्गत भवन जीर्णोद्धार के तहत स्वीकृत वर्ष 24-25 में 5.30 लाख की लागत से की गया था जीर्णोद्धार, किन्तु धरातल पर यह कार्य जांच का विषय बना हुआ है।
इस मामले में छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी करते हुए कहा है की बकावंड के पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में दौरा दौरा किया गया दौरे के अंतर्गत जहां छात्रावास के अधिकांश कमरों व हाॅल में खिड़की दरवाजा नहीं थे। वहीं दुसरी तरफ यही दशा बाथरूमों में भी दरवाजे नहीं थे। और अगर वाॅश बेसिन की भी हालत दयनीय थी। बकावंड पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छत व दीवारें भी काफभ् जर्जर हो चुकी है। कुल मिलाकर यहां यह कहना लाजिमी होगा की बच्चें सरकार के छत के नीचें तो बैठ रहे है पर वे अपने आप को बेवश व असुरक्षित महसुस कर रहे है।
इस संबंध में श्री भवानी ने आगे जानकारी देते हुए बताएं कि पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास मे जिला खनिज संस्थान न्यास (डी.एफ.टी ) योजना के अंतर्गत भवन जीर्णोद्धार के तहत स्वीकृत वर्ष 24-25 मे 5.30 लाख रुपय के हुए भुगतान तो हो चुका पर भुगतान करने के पहले संबंधित अधिकारी जमीनी तहकीकात बिना जाने भुगतान कैसे कर दिए जो जांच का विषय है। श्री भवानी ने यह भी आरोप लगाया कि अगर जीर्णोद्वार में इमनी बड़ा खपला है तो बच्चों के भोजन में कितना बड़ा झोलझाल होगा।




