रिपोर्ट@एमसीबी व कोरिया जिला ब्यूरो अंजन मुखर्जी की रिपोर्ट
चिरमिरी। इन दिनों एमसीबी जिले के चिरमिरी छोटा बाजार में प्रदुषित पानी पीने के कारण लोगो की मौत से स्वास्थ्य मंत्रालय भी सकते में आ गया।
ज्ञात हो कि गत माह से एमसीबी जिला के चिरमिरी छोटा बाजार के वार्ड मंे निगम द्वारा गंदे पानी का सप्लाई की जा रही थी जिससें की लोग पीलिया व टाइफायड की चपेट में आते चले गए और कुछ लोग पीलिया व टाइफायड से संक्रमित होकर मौत के आगोश में समा गए।
यह खबर सामार्थ न्यूज बड़े प्रमुखता से चलाया भी था कि जिस कदर निगम छोटा बाजार में गंदा पानी पीने के लिए सप्लाई कर रहा है उससें लोगो को गंभीर बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी चिरमिरी नगर निगम की होगी, लेकिन इसके बावजूद भी निगम के अधिकारी लोगो के मौत का इंतजार करते निठल्लें बैठे नजर आए।
अंततः रविवार को प्रदेश के स्वास्थ मंत्री व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 20 व 21 का दौरा कर स्थिति जानी।
इस दरम्यान स्वास्थ मंत्री ने चिरमिरी नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि अगर 15 दिन के अंदर क्षेत्र में साफ जल की सप्लाई नहीं होता है तो निगम के अधिकारियों के विरूद्व एफआईआर दर्ज की जाएगी। श्री जायसवाल ने आगे यह भी कहा कि कालरी प्रबंधन का काम है कि दैनिक निस्तारी का पानी सप्लाई करना व पीएचई द्वारा सप्लाई पीने की पानी लोगो के घरो तक पहुंचाने का काम निगम का है। अगर 15 दिनों के अंदर साफ पेयजल लोगो के घरो तक निगम नहीं पहुंचा पाता है तो निगम के अधिकारियों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करना पडेगा।
निगम कर रहा है गंदे टंकी का पानी सप्लाई, महापौर की चुप्पी से क्षेत्र में फैला महामारी

सोचनीय पहलू है यह है कि जिस टंकी का पानी पीने के लिए लोगो के घरो तक निगम पहुंचा रहा है उसे आप देखकर स्वयं चौक जाएंगे। जिस टंकी में कभी सफाई हुआ ही नहीं उसी टंकी से लोगो के घरो में पीने का पानी सप्लाई की रहा है। इस विषय में निगम के महापौर के कार्यप्रणाली पर भी सवालियां उगलियां उठ रहा है। अगर निगम के महापौर क्षेत्र का दौरा निरंतर करते तो शायद चिरमिरी छोटा बाजार में यह नौबत नहीं आता। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य मंत्री की फटकार व महापौर का डर निगम के अधिकारियों को कितना असर सकते में ला पाता है।




