कोरबा। अधिकांश लोगो को मानना होता है कि बरसात के मौसम में सड़के जर्जर हो जाती है। मगर कोरबा शहर की सड़के गर्मी से ही मृत अवस्था में तब्दील हो चुकी है। रविशंकर नगर से अगर आपको दादर की ओर जाना है तो एक बार अवश्य सोच लीजिए की क्या आप गंतव्य स्थान तक सुरक्षित पहुंच पाएंगें या नहीं ? दादर रोड की सड़कों में बड़े-बड़ें गढ्डें हो चुके है, इस मार्ग से स्कूली बच्चें अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबुर है। बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले अभिभावक भी अपनी बाईक व स्कुटी में हिचकोलें खाते हुए सड़क को पार कर रहे है।
दादर रोड़ के निवासियों को अगर जिला चिकित्सालय या पीजी कॉलेज जाना होता है तो वे अब खरमोरा होकर जाना पसंद कर रहे है। कुछ दिन पूर्व इस मार्ग पर प्रशासन ने गिट्टी गढ़ड़ों में डालवाएं थे मगर निरंतर बड़ें-बड़ें वाहनों की आवाजाही की वजह से फिर वहीं सड़क गढ़्ढ़़ों में तब्दील हो चुकी है। कुछ दिनों से अनवरत बारिश होने के कारण फिर वहीं मार्ग गढ़्ढ़ों में तब्दील हो चुकी है। प्रशासन फिर से उन्हीं गढ्ड़ों में गिट्टी भर अपने कार्यो से इतिश्री कर ली है।
दादर के स्थानीय लोगो की माने तो इस मार्ग में बारह माहों परेशानियों से गुजरती है। यहीं हालत रिश्दी चौक के पास की है। रजगामार रोड़ व बालको जाने वाली रिंग रोड में रोड़ नहीं गढ्ढा ही नजर आता है। कुछ दिन पूर्व रिश्दी चौक के पास ईंट व पत्थर का बोल्डर से गढ्ढ़ों को भरा गया था मगर बारिश में वहीं गढ़्ढ़़ों किचड़ में तब्दील हो चुका है। अब दुपहियों का निकलना मुश्किल हो रहा है। अभी तक प्रशासनिक अमलों के पास मद नहीं है शायद इसलिए खानापूर्ति करते नजर आ रही है। समय रहते शहर की सड़क नहीं बना तो कभी भी बहुत बड़ा दूर्घटना घट सकता है।




