पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में आयोजित नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान सामाजिक माध्यमों पर साझा किए गए कुछ वीडियो और तस्वीरों से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से तैयार किए गए तथा कथित रूप से परिवर्तित और आपत्तिजनक वीडियो एवं तस्वीरें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रसारित की गईं। तेलंगाना भाजपा की सामाजिक माध्यम कोर समिति के सदस्य टी. साईकिरण गौड़ ने पुलिस को फेसबुक और इंस्टाग्राम के 20 लिंक उपलब्ध कराए हैं। उनका आरोप है कि इन खातों के माध्यम से प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया। एक अन्य शिकायतकर्ता एस. अरविंद रेड्डी ने भी कुछ सामाजिक माध्यम खातों पर अश्लील तथा कथित रूप से परिवर्तित वीडियो और तस्वीरें साझा किए जाने का आरोप लगाते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में शामिल कई लिंक अब सक्रिय नहीं हैं, फिर भी मामले की जांच जारी है। जांच दल संबंधित सामाजिक माध्यम खातों का संचालन करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने, डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने तथा मेटा से आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।




