जिला GPM के अतुल आर्थर छत्तीसगढ़ डायोसिस के बने बिशप

Picture of Samarthy News

Samarthy News

नई जिम्मेदारी के साथ मेरा जीवन समाज हित मे सबका साथ सबका विकास पर केंद्रित रहेगा- बिशप अतुल आर्थर
रायपुर। बिशप नियुक्त होने के बाद बिशप अतुल आर्थर ने कहा कि देश, समाज हित व अपने राज्य मं ईश्वरीय प्रेम न्याय शांति व सामाजिक सौहार्द की स्थापना में अपना योगदान प्रदान करना मेरा पहला कर्तव्य है। छोटे से जिले से मुझे एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है, ये मेरा सौभाग्य है। मेरी भूमिका देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कथनानुसार सर्वसमाज हित मे सबका साथ सबका विकास पर केंद्रित रहेगा। नवनियुक्त बिशप का कार्यक्षेत्र बस्तर से लेकर सरगुजा व रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में निहित होगा। इनके अधिकार में छत्तीसगढ़ की सीओसीसी व डिसायपल्स सीआफसी के कलीसिया, शैक्षणिक संस्थाए, सम्पत्ति व सामाजिक सेवा रहेंगी।

1924 की मुलसंस्था को क्यो लेना पड़ा यह निर्णय
संस्था के प्रमुख अरुण पन्ना लाल ने बताया कि चर्च ऑफ नार्थ इंडिया (सीएनआई) जिसे 1970 में हमारी 6 संस्थाओं ने मिलकर गठित किया था, ताकि एकजुट होकर देश मे समाज की उनत्ति और सेवा कर सके, और उनकी मुल संस्थाओ व चर्चो की उचित देखभाल व सुरक्षा कर सके परन्तु सीएनआई के पदाधिकारी रक्षक बनने की बजाय भक्षक बन गए उद्देश्यहीन होकर हमारे पूर्वजो की संस्था, शालाओ, चर्चो व संपत्ति में कब्जा कर भोग विलासता में जिंदगी जीने लगे। अस्पताल की सेवा बन्द हो गयी, बेशकीमती सम्पत्ति बेचने लगे जिससे कोर्ट कचहरी में समाज की धन सम्पत्ति बर्बाद होने लगी, कलीसिया का जो भी सदस्य अपने न्याय के लिए आवाज उठाता उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता, जिससे क्षुब्ध होकर कलिसियाएं अलग होने लगी, इन्ही कारणों से 2013 में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सीएनआई के गठन को अवैध घोषित कर दिया। अब सीएनआई का कोई अस्तित्व नही है। छत्तीसगढ़ में डायोसिस रायपुर जो 2010 में गठित हुई के पदाधिकारियों के भ्रष्टाचार, तानाशाही मनमाने व अन्यायपूर्ण निर्णय के विरुद्ध भारत देश की मूल संस्था (पेटर्नल बॉडी) युसीएनआई जो 1924 में गठित हुई व भारत देश मे मुंबई चैरिटी कमीशरी में पंजीकृत ट्रस्ट यूसीएनआईटी के पदाधिकारियों ने गंभीर व कठोर निर्णय लिया है, और अपनी मूल संस्था की ओर से अपने बिशप नियुक्त कर अपनी धरोहर व सेवा की रक्षा करने का निर्णय लिया है। रेव्ह अतुल आर्थर के साथ रेव्ह अजय मार्टिन व अन्य 7 लोगो को बिशप के पद पर अभिषेक प्रदान किया गया। पुणे में आयोजित भव्य व गरिमामय अभिषेक के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्ना लाल, छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय जॉन, कोषाध्यक्ष निलिमा रॉबिन्सन, महेंद्र मंडल, राजेश बेंजामिन, मनीषा कुलदीप, अंजुला मार्टिन, रोहन गायकवाड़ सहित देश के अन्य स्थानों से सैकड़ो लोग शामिल हुए।

गर्मजोशी से हुआ स्वागत सम्मान
महापुरोहित के अभिषेक पश्चात पुणे से वापस आने पर रायपुर, बिलासपुर व पेंड्रारोड़ में नवनियुक्त बिशप का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया गया। सबने आशा जताई है की सर्व समाज सेवा में छत्तीसगढ़ में नया अध्याय प्रारम्भ होगा। अतुल आर्थर के बिशप बनने पर मिशन स्कूल विकास समिति व नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मुकेश दुबे, एल्डरमेन मथुरा सोनी, एल्डरमेन रामप्रकाश ठाकुर, मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक रेणु जोगी, पूर्व विधायक व जेसीसी अध्यक्ष अमित जोगी, पूर्व विधायक डॉक्टर के.के. ध्रुव, बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे, तानाखार के पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा, संयुक्त मसीही समाज के अध्यक्ष प्रफुल्ल जेम्स, रेव्ह. मरकुस दास व समाजसेवी अशोक नगाइच, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रियाज कुरैशी ने हर्ष व्यक्त करते हुएं कहा कि रेव्ह. अतुल आर्थर का मसीही समाज के महापुरोहित जैसे उच्च पद पर अभिषेक होना यह छोटे से नवीन जिले के लिए गौरव का विषय है। छत्तीसगढ़ सहित जीपीएम जिले के सर्वसमाज मंे हर्ष का माहौल है।

 

 

Samarthy News
Author: Samarthy News

error: Content is protected !!