जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड स्थित काठापाली प्राथमिक शाला की शिक्षिका गीता कुम्भकार को अंधविश्वास फैलाने और विद्यार्थियों को डराने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई को शिक्षिका के कान की सोने की बाली स्कूल में कहीं गुम हो गई थी। उसे तलाशने के लिए उन्होंने लाल कपड़ा, मौली, नारियल और चावल का उपयोग कर कथित तौर पर टोटका किया। इस दौरान बच्चों से बाली के बारे में पूछताछ की गई और जानकारी छिपाने पर पेट दर्द, गंभीर बीमारी, बुखार तथा अनहोनी जैसी बातें कहकर उन्हें डराया गया।

वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार माना। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, निलंबन आदेश में एक प्रशासनिक त्रुटि भी सामने आई है। आदेश पत्र में घटना की तिथि 31 जुलाई 2026 के स्थान पर गलती से 31 अगस्त 2026 अंकित कर दी गई है। इस त्रुटि को लेकर भी चर्चा हो रही है कि आदेश जारी करते समय तिथि का सही मिलान नहीं किया गया। फिलहाल शिक्षा विभाग ने शिक्षिका को निलंबित कर मामले की आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।




