बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में इंडियन ओवरसीज बैंक की गस्ती चौक शाखा में हुए 14.56 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास को पुलिस ने तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाकर आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह मामला वर्ष 2022 का है। बैंक के नए शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार की शिकायत और बैंक की आंतरिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (तत्कालीन आईपीसी की धारा 420, 409 और 120-बी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक विनीत दास ने बिचौलियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं। आरोप है कि बंद पड़े व्यवसायों के नाम पर, बिना संपत्ति की गारंटी, फर्जी जीएसटी नंबर और जाली हस्ताक्षरों का उपयोग कर 180 बैंक खातों के माध्यम से करीब 14.56 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इस मामले में शामिल चार बिचौलियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें कमलेश सिन्हा (बेमेतरा), जोहन सिन्हा (केवांछी), टीकाराम माथुर (बिरमपुर) और नागेश कुमार वर्मा (केवांछी) शामिल हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे घोटाले की कडिय़ों को जोडऩे, अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से इस बहुचर्चित बैंक घोटाले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
Author: Samarthy News
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